Secretary Message

सर्वेश सिंह भदौरिया
प्रबंधक

नव समाज एवम् नवराष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सही शिक्षा एवं सच्चे संस्कार ही युवाओं को अपने देश संस्कृति एवम् आस्थाओं के लिये दृढ़ता से खड़ा होने का सबल प्रदान करते हैं।
देश के भावी कर्णधार छात्र एंव छात्राओं की मानसिक, चारित्रिक एवं शारीरिक विकास की उपेक्षा करके कोई भी समाज उन्नति के शिखर पर कैसे पहुंच सकता है? वर्तमान युवा वर्ग देश की सम्पत्ति है, वे राष्ट्र की अप्रतिम धरोहर हैं। इस युवा पीढ़ी में शिक्षा के लिये अतृप्त प्यास को तृप्त करने के उद्देश्य से पूज्य पिताजी श्री छत्रपाल सिंह भदौरिया के आशीर्वाद एवं पूज्य माताजी स्व0 श्रीमती किरनलता सिंह की प्रेरणा से मुझे ग्राम-कौण्डर में एक ज्ञान का मंदिर खोलने की संकल्प शक्ति प्राप्त हुई। समाज सेवा में सहज सुखानुभूति करने वाली पूज्य माता जी की प्रेरणा एवं पिता जी के आशीर्वाद से बसंत पंचमी के दिन से प्रारंभ होने वाला कार्य दृढ़ संकल्प एंव इच्छा शक्ति के साथ पूर्णता को प्राप्त कर चुका है।
आज जिधर भी दृष्टि डालिए, युवा वर्ग अपने नैतिक मूल्यों को भूलता जा रहा है। चारों ओर स्वार्थपरता, आत्ममुग्धता की प्रवृत्ति सर्वोपरि हो गयी है। ऐसे विषाक्त वातावरण में हम सबको आत्म-अवलोकन करने की आवश्यकता है। यदि प्रत्येक युवा वर्ग दृढ़ संकल्प करके सत्-मार्ग पर चलने को निश्चय कर लेगा तो एक नव-समाज का निर्माण अवश्य होगा। यह तभी सम्भव होगा जब युवा वर्ग पूर्णशिक्षित हो। मुझे पूर्ण विश्वास है कि दृढ़ संकल्प की गंगोत्री से ही शक्ति की धारा निकलती है और प्रचण्ड पुरुषार्थ की गंगा बहती है। इस गंगा में स्नान करके ही व्यक्ति सफ़लता एवं दृढ़ व्यक्तित्व का इतिहास लिखता है। ऐसी प्रेरणा प्राकर दृढ़ संकल्प से समाज के योग्य मनीषियों से परामर्श कर ग्राम-कौण्डर, ब्लाक-असोथर, ज़िला-फ़तेहपुर में एक महाविद्यालय स्थापित किया, इसमें छात्र-छात्राओं का सर्वांगीण विकास एवं संस्कार युक्त् शिक्षा प्रदान करने के लिये आप सभी से सहयोग एवं आशीर्वाद की अपेक्षा करता हूँ।